सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

सड़क के अरिया

सड़क के अरिया रहनी खाड़ा पसेना से भींजल तर बेचारा ताले लउकल अइसन दृश्य की बदल गइल मौसम सारा। उ लईकी ना रहली हूर रहली पाकत घामा में काहे मजबूर रहली सड़क के दोसरा ओरी ठार बाकि हमरा से बहुत दूर रहली। हम तकनी ह मुस्का के आ उ हंस देली चोना के मारनी मौका पर चौक हम ईशारा कईनी ह हाथ हिलाके। बस सड़क पार करे में लाग गईनी राह मिलल खाली त भाग गईनी मुश्किल से क लेनी सड़क पार आ उनका अरिया जाके लाग गईनी। अब हथवा लागल काँपे समय के लगनी भाँपे हिम्मत क के पूछिये देनी चाय पिये चलबू कहाँ पे? ऊ तकली हमरा ओरी कांच-कुंआर छोरी आ ताली पीट के कहली आय हाय ऐ चिकने 10 रूपए देदे...। -: लव कान्त सिंह :-
खदेरन के पाठशाला 8 (सभे क्लास में जहां तहां बईठल बा) खदेरन-जानत बारे ढोंढा भाई...एगो आउर नाया गाना हमार छोटका बाबूजी लिखले ह आ अपना दोस्त से गवईहें.. ढोंढा-सुनाओ मरदे तनी हमनियो के.. एतना त तुही गा लेबे अभी. लबेदा-रे धरिछ्ना के पोता केंवरिया ओठगा दे ना त माहटर जी आ जइहें.. (खदेरन अलाप लेके शुरू करत बा,जैसे कौनो बड़का व्यास होखो) दीयरी लेया दी ना सजन जी दीयरी लिया दी ना, की आइल-3 दीयरी के तेवहार बलम जी दीयरी ले आ दी ना.... (मास्टर साहेब गेट खोल के प्रवेश) मास्टर साहेब-रे इ केंवारी लगा के कौन मजमा लगाईले है जी तुम सब भागो अपना अपना बेंच प नहीं त हूंक के जियान क देंगे...ए खदेरन तुम खाड़ा होखो,ढेर ब्यास बनोगे त जानते हो की नहीं हम लगेंगे गवाने त सब सुर बेसुरा कर देंगे.. खदेरन-ऐ मास्सायेब रउरा पाहिले गीतवा के भाव सुनी तब नु.. मास्टर साहेब-हम का सुनी....आरे हम त अपना ज़माना के टॉप ब्यास रही पुछिह अपना बाबूजी से.. ढ़ोंढा-ह मारसयेब साँचो पहिले गीतवा के भाव जान जाई...भाव ई बा की दियरी से दिवाली मनावे के चाहीं,चाईनीज भुकभुकवा बत्ती से ना... मास्टर साहेब-ह नु जतना बन्हिया उ सतरंगिया...
खदेरन के पाठशाला 7 (ढेलवा फाटक बाबा के लड़िका नथुनी के भुईयाँ पटक के मार रहल बा,बाकी लोग लिलकारता आ थपरी पीट-पीट के माजा ले रहल बा,मास्टर साहेब के साथे खदेरन के एंट्री होता,सब लोग भाग के अपना सीट पर पहुँच जाता आ ढ़ेलवा आ नथुनी धरा जाता) मास्टर साहेब-ऐ,काहे मारा-मारी होता..हम 5 मिनट लेट का हो गइनी भुभुनरंगौवल चालू...(दुनु के 4-4सोटा) अब बताओ तुम लोग काहे झगड़ा कर रहा था। ढ़ेलवा-मास्टर साहेब नथुनिया हमरा माई-बहिन के गरियावत रलक ह। नथुनी-ना मारसायेब इहो हमरा के गरीयवलक ह। मास्टर साहेब-ऐ जी तुम लोग पढने आता है की गारा-गारी करने...अब से सुन लिए त मार के पीठास फार देंगे,हई देखो खदेरन को वाद-विवाद प्रतियोगिता में जीत के हमारा नामवा रोसन करके आया है आ तुम लोग अभी गारीये-फकरी में लागल हो... खदेरन-हम जानत रनी ह की एक दिन ई होई काहे की 5-7 दिन से एक्नी ओल-बोल मारत रलन ह स। मास्टर साहेब-ऐ नथुनी तुम बताओ जी का बात है,खड़ा होक बोलो... नथुनी-मारसायेब ई गरिया देलें ह त हम मार देनी ह। मास्टर साहेब-आरे त हम उहे नु पूछ रहे हैं की ई काहे गरियाया है भांग खाके नहीं नु आया होगा... ढ़ेला-गुरुजी हम ...
खदेरन के पाठशाला 6 (क्लास के सारा लईका भीड़ लगवले बारन स... खदेरन आ ढोंढा मिलके लबेदवा के हुंक रहल बा लोग..मास्टर साहेब के एंट्री) मास्टर साहेब-ए ई का भीड़ लगा के रखा है जी तुम लोग..(सब अपना-अपना सीट पर भागत बारन स) नहीं मानेगा का तुम लोग...इ लड़ाई काहे कर रहा था तुम लोग...ए लबेदवा तू बताव काहे ई तोहर कोसी भरत रलन ह स.. लबेदा-मारसायेब हम कुछो न कईनी ह...आ इ लोग अइसही मारे लागल ह...हई देख ली हमार ठोढ़ फुला देले बा लो मार के...टिफ़िन के बेरा हम बतावत बानी एक्नी के.. मास्टर साहेब-पिटाईयो के नहीं मानेगा का जी....बईठो...ए खदेरन तुम खारा होखो..का बात है हमको सही सही बताओ नहीं त तीनो जाना को मार के भुसौल झार देंग.. ढ़ोंढा-मारसयेब हम बताई का.. मास्टर साहेब- ह तुही बताओ...? ढ़ोंढा-मारसायेब हमार बी.पी तुरंत हाई हो जाला जब कौनो नतिया हमरा घर-जवार आ राज्य के बारे में बोलेला तब... मास्टर साहेब-साफा बकलोल हो का जी...गारी-फकरी मत दो नहीं तो बी.पी का सब गर्मी झार देंगे दुईये सोटा में..होस में रह के बतिया बता दो नहीं तो दुनु को बेहोस क देंगे.. ढ़ोंढा-ठीक बा मारसायेब...हई लबेदवा हमनी के बिहार के बी...
ऊ माई जौन अमृत पियवले रहली, आज अधे पेट काटत बारी रात। ऊ माई जौन अंचरा में लुकवले रहली, टुटही पलानी में झेलत बारी बरसात। ऊ माई जौन तेल-कुर कईले रहली, आज दिमाग के कमजोर बारी कहात। ऊ माई जौन काजर-टिका लगवले रहली, घर के चमक में करिया दाग बारी हो जात। ऊ माई जौन 'माई' कहे के सिखवले रहली, तनी सा बोलला पर जात बारी डंटात। ऊ अनपढ़ माई जौन पढ़े खातिर जगवले रहली, आज सबका बीच जाहिल में बारी गिनात। ऊ माई जौन पतोह पसन कईले रहली, ओही पतोह के 'माई' अब नईखी सोहात। ऊ माई जौन बबुआ के हीरा बूझले रहली, उहे हीरा बुझता माई के खैरात। ऊ माई जौन बुझ जात रहली, बबुआ के मन के बात। आज बबुआ के नइखे सुनात माई के सिसकी भरल रात।
खदेरन के पाठशाला 5 (क्लास में लईका कौनो बेंच प बईठल बा कौनो खिड़की प बईठल बा,खदेरन बेंच बजावता आ ढोंढ़वा भोकार पार के गावत बा- शीलवा रहे की फूलमतिया,रतिया कहाँ बितावला ना...मास्टर साहेब के एंट्री) मास्टर साहेब-बताई हम...बता दी का की रतिया कहाँ बितवनी...चार-चार सोटा घिचेम सभनी के की रात-दिन सब याद परे लागी..चल के बईठो सब.. पढाई-लिखाई में तेरे-बाइस आ खाली लाफेरियई करता है सब...अबकी परीक्षा में बुझवाते हैं। चला लोग किताब निकाल आ बताओ की काल कौन पाठ पढाई हॉट रहे.. ढोंढा- ए मार्सायेब 5वाँ पाठ होई आज.. मास्टर साहेब-ठीक है बहुत बन्हिया,हमको त बुझाया की खाली गीते-गवनई होता है...बैठो..ह त 5वाँ पाठ बा बिहार के राजनीति..फेर दांत चियारने लगा रे खदेरन,अभी पढाई शुरू न भइल ताले बैताल समां गइल तहरा लोग में...उठ..बताओ-बिहार के पहिला मुख्य मंत्री के रहे? खदेरन-नितीश कुमार मास्टर साहेब-बाक! उ कहाँ से हो गई...उस टाइम त इनका जन्मो का जाने हुआ होगा की नहीं. खदेरन-बाकी माटसाहेब हम त अपना होस भर से इनके के देखत बानी... मास्टर साहेब- अच्छा चल हामरो पता नइखे ओहिसे मान लेत बानी..बईठो...देखो त खड़े-खड़े ब...
#खदेरन_के_पाठशाला_4 (गाना बाज$ता मोबाइल में,लईका मस्त होके नाचत बारन स-"आरा जिला उखाड़ देला किला" तले मास्टर साहेब के एंट्री) मास्टर साहेब- बंद कर$ स जाल्दी ना त मार सटहा के सभनी के भाभोर देम....इ इस्कूल ह की नाच घर,कौनो चेकिन वाला आ गइल त हमार नोकरी खा जईबा स..कौना के मोबाइल बा रे? ढोंढा-मारसयेब इ हमरा चाचा के ह, मास्टर साहेब-दे एगो कॉल करे के बा,ससुरार बतियावला ढेर दिन हो गइल...(ताले खदेरन लउक जाता) कहाँ रहेला खदेरन बाबु 10 के आइला ना... खदेरन- मास्सयेब हमरा जवार में राष्ट्रीय भोजपुरी सम्मलेन रहल ह आ हमहू ओहमे भाग लेले रहनी ओहिसे ना आईनी...रउवा ना आईनी काहे? मास्टर साहेब- का रलक....भोजपुरी सम्मेलन,अभिये से टंडइली करे लगला.. खदेरन- मास्सयेब माई भाखा भोजपुरी खातिर जतना लो काम करत बा का उ लोग टंडइली करत बा? मास्टर साहेब- अभी तहरा न बुझाई तहार पढ़े लिखे आला समय बा जियान मत कर$.. खदेरन- मास्सयेब रउवा जइसन लोग के हमार चाचा खोजेले...कहेले की अइसन लोग के वजह से ही भोजपुरी अपमानित बिया.. मास्टर साहेब- ढेर बहसला  त मार के सॊझे क देम..का लरी लो जे सरकार त भोजपुरी के दर्जा...