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खदेरन के पाठशाला 9 : फॉलोवर के बाढ़, अक्ल के अकाल

  ( स्कूल शुरू हो चूका है लेकिन अभी मास्टर साहेब लोग चाय समोसा कचरने में व्यस्त हैं।   बच्चे क्लास को एक साथ क्रिकेट , फुटबाल , कब्बड्डी , कुस्ती के मैदान के साथ- साथ मछली बाजार भी बना के रखे हैं सब ) मोटू - जान जाओ की कल हमारे चाचा एक इंस्टाग्राम का ID बनाये और आज ही 1500 Organic लोग फॉलो कर लिए। ढोंढा - अरे त ई कवन बड़का बात हो गइल , उ सब 1500 लोग तोर घर परिवार आ रिश्तेदार इहे सब में से होइ। मोटू - अरे नानू रे , हमरा परिवार के जवन रहन बा की 50 आदमी फॉलो ना करीहें , ई सब आर्गेनिक ह।   खदेरन - तोर चाचा के नाम अभिजीत चिपके त ना ह ? मोटू - हं उहे हवें हमर चाचा। मंगरु - तोर दादा चाहे दादी में से कोई कबो बापो जनम महाराष्ट्र गइल रहे का रे ? मोटू - ना रे   ! मंगरु - त घेंवड़ा में से तहर चाचा आ गइले महाराष्ट्र में !! मोटू - बोलबे जादा , उहो कॉक्रोच हमहू   कॉक्रोच .... त ओह नाते उ हो गइले हमार चाचा। मंगरु - ...
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