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बिहार के शान - शहीद स्मारक पटना

                            बिहार के शान - शहीद स्मारक पटना  बिहार के राजधानी पटना के 3000 बरस के गौरवशाली इतिहास आज भी भारत देश खातिर गौरव के बिषय बा। ई प्राचीन नगर पवित्र गंगानदी के किनारे सोन आ गंडक के संगम पर लम्हर पट्टी के रुप में बसल ब। पटना के इतिहास पाटलीपुत्र के नाम से छठी सदी ईसापूर्व में शुरू भईल आ तीसरी सदी ईसापूर्व में पटना शक्तिशाली मगध राज्य के राजधानी बनल। अजातशत्रु, चन्द्रगुप्त मौर्य, सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त द्वितीय, समुद्रगुप्त ईहाँ के महान शासक भइलन। ऐतिहासिक इमारत होखे आ चाहे ऐतिहासिक राजवंश, ज्ञान होखे आ चाहे अध्‍यात्‍म आ चाहे कुछ प्रबुद्ध यात्री जइसेे मेगास्थनिज, फाह्यान, ह्वेनसांग के आगमन,ई सब के साक्षी बा पटना शहर। महानतम कूटनीतिज्ञ कौटिल्‍य आपन अर्थशास्‍त्र आ विष्णुशर्मा आपन पंचतंत्र के रचना इहईं कइले रहस। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी पटना के अहम भुमिका रहल। बिहार विधान सभा के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बनल स्मारक पटना के स्कूलन से आजा़दी के लड़ाई में जान देवेवाले सात शहीदन के...

पूर्वांचल के वैष्णोदेवी

                                     पूर्वांचल के वैष्णोदेवी    भक्त रहसु के पुकार पर प्रकट भईल मां दुर्गा के महिमा के कहानी ईहां के कण-कण में रसल बा। चेरो वंश के समय से पूजल जाए वाली माई दुर्गा के ई पवित्र स्थल केे अब पर्यटन के नक्शा पर भी चमकावे के योजना बा, ई स्थान बा - थावे भवानी। अईसे त बिहार में धार्मिक यात्रा पर आवे वाला आ चाहे छुट्टी मनावे आवे वाला लोगन खातिर ईहां कय गो धार्मिक आ पौराणिक स्थल बा, बाकि ईहां आवे वाला लोग गोपालगंज जिले में स्थित थावे मंदिर में जाके सिंहासिनी भवानी माई के दरबार के दर्शन करके उनकर आर्शीवाद लेवल ना बिसरालें। अइसन मानल जाला कि ईहां आवे वाले श्रद्धालुअन के सब मनोकामना माई पूरा करेली। गोपालगंज जिला मुख्यालय से करीब छौ किलोमीटर दूर सिवान जाए वाला रास्ता पर थावे नाम के एगो स्थान बा, जहां माई थावेवाली के एगो पुरान मंदिर बा। माई थावेवाली के सिंहासिनी भवानी, थावे भवानी आ रहसु भवानी के नाम से भी भक्तजन पुकारेला। ओइसे त सालो भर ईहाँ माई के भगत लोग आते ...