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कॉमरेड बदल रहा है

  कॉमरेड बदल रहा है  मेरे मन का कॉमरेड अब बदल रहा है- सुबह-शाम,दिन-रात सब बदल रहा है जब सब बदल रहा है तो- मन क्यूँ न बदले परिवर्तन के सिद्धांत से  होकर प्रभावित- एक कॉमरेड बदल रहा है  लम्बे बाल कट गए बेतरतीब दाढ़ी हट गए  कला कुरता,बेरंग थैला लाल झंडी-तख्ती-बैनर सब कोने में रख दिया अब मैं जोश से लाबा लब गला फाड़ के नाड़े नही लगता पुलिस पर पत्थर भी नहीं फेंकता- एक कॉमरेड बदल रहा है  अगर ये परिवर्तन की निशानी है  तो खुश हूँ मैं जिस समाज से भागता था उसी में शामिल हूँ मैं उब को सुरक्षा और दोहराव को स्थायित्व  अब नहीं मानता मैं मन की धुन को भूल कर आँखों से देखने लगा हूँ मैं- एक कॉमरेड बदल गया है...