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‘‘गिरमीटिया भारतवंशी‘‘ के सफल मंचन

                        ‘‘गिरमीटिया भारतवंशी‘‘ के सफल मंचन   ‘‘गिरमीटिया भारतवंशी‘‘ के दर्द उहे समझ सकेला जेकरा कभी अपना जमीन से अलग रहे के पड़ल होखे।आज़ादी के पहिले फिरंगियन के एगो जहाज़ लगभग 34 साल तक लगातार भारत से फिजी,मौरिशस आ दूसर देश के चक्कर लगावत रह गईल रहे। जेमे भारत के मजदूर से काम करावे खातिर मजदूरन के खेप विदेश भेजल गईल।लेकिन फिरंगियन के धोखा के कारण केहु लौट ना पावल आ उहईं बसे पर मजबूर होखे के पड़ल।कुछ लोग लौटल भी बाकि बदलल भारत में भी उनका लोग के तिरसकार,धोखा आ लूट-पाट के अलावा कुछ ला मिलल।इहे सब घटना के नाटक रूप बा ‘‘गिरमीटिया भारतवंशी‘‘ जेकर लेखक बाड़ें राजेश कुमार माँझी ।भोजपुरी के प्रसिद्ध रंगकर्मी श्री महेन्द्र प्रसाद सिंह के निर्देशन में ई लघु नाटक के सोलहग रूप देलें । लक्ष्मी नगर के पुर्वा संस्कृति केन्द्र के सभागार में 20 सितम्बर 2013 के रंगश्री के कलाकारन के द्वारा ई नाटक के मंचन भईल। अखिलेश पांडे,सौमित्र वर्मा,लव कान्त सिंह,अंजु सिंह,रविशंकर,महिमा,लक्ष्मी,मीना राय आ शैलेन्...