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खदेरन के पाठशाला 5

(क्लास में लईका कौनो बेंच प बईठल बा कौनो खिड़की प बईठल बा,खदेरन बेंच बजावता आ ढोंढ़वा भोकार पार के गावत बा- शीलवा रहे की फूलमतिया,रतिया कहाँ बितावला ना...मास्टर साहेब के एंट्री)
मास्टर साहेब-बताई हम...बता दी का की रतिया कहाँ बितवनी...चार-चार सोटा घिचेम सभनी के की रात-दिन सब याद परे लागी..चल के बईठो सब.. पढाई-लिखाई में तेरे-बाइस आ खाली लाफेरियई करता है सब...अबकी परीक्षा में बुझवाते हैं। चला लोग किताब निकाल आ बताओ की काल कौन पाठ पढाई हॉट रहे..
ढोंढा- ए मार्सायेब 5वाँ पाठ होई आज..
मास्टर साहेब-ठीक है बहुत बन्हिया,हमको त बुझाया की खाली गीते-गवनई होता है...बैठो..ह त 5वाँ पाठ बा बिहार के राजनीति..फेर दांत चियारने लगा रे खदेरन,अभी पढाई शुरू न भइल ताले बैताल समां गइल तहरा लोग में...उठ..बताओ-बिहार के पहिला मुख्य मंत्री के रहे?
खदेरन-नितीश कुमार
मास्टर साहेब-बाक! उ कहाँ से हो गई...उस टाइम त इनका जन्मो का जाने हुआ होगा की नहीं.
खदेरन-बाकी माटसाहेब हम त अपना होस भर से इनके के देखत बानी...
मास्टर साहेब- अच्छा चल हामरो पता नइखे ओहिसे मान लेत बानी..बईठो...देखो त खड़े-खड़े बतियाने लगा...केतना बतियाता है जी मेहरारू स लेखा..का बात है बोल..
ढोढा-मार्सायेब खदेरन के गाँव में काल्ह चोरी भइल आ हमनियो के गांवे सुनात रलक
मास्टर साहेब-अब कहा से चोरी होई सारा पुलिस थाना के हेर फेर क के सरकार टाइट कईले बिया..
खदेरन-ना माटसायेब सच कहत बानी काल्ह भइल चोरी..बार नमूना चोर हवन स
मास्टर साहेब-अच्छा...का का ले गईलन स ?
खदेरन-उहे त,पांरे बाबा सुतल रहस ताले कौन दो उनकर टिके काट लेले बा,धरिचन भगत के सुतला में सारा नोहवे टुंग लेले बा,लाबेदवा के त कपार छिल लेलन स आ पतरकी काकी के सुतला ने खटिया पर से केस लटकल रहे त उहो काट लेलन स..उ दुनिया भर के गगरियावत रअलइ ह..आ हम सोनपापड़ी कीने खातिर हतना केस बिटोर के बथानी की मोका में रखले रहनी उहो उठा ले गइल बारन स..आ ओहुपर से मन नइखे मानल त मीठा चटा के हमरा झाबरा कुतवा के भी सार केस काट लेले बारन स....माटसायेब इ सब का करिहन स..
मास्टर साहेब- आरे इ सब तुमको नहीं बुझाएगा...दिल्ली भेजना होगा..
खदेरन-ए माटसायेब बड़का भकोल बारन स,सोनपापड़ी इजा ना मिल जाई का की दिल्ली भेजिहन स सोनपापड़ी खातिर..
मास्टर साहेब-बईठ बुडबक नोकरी करे देबे की ना...तोर ना बुझाई,हई जौन पाठ पढ़वात बानी तोन पढ़ मन लगा के...

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