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खदेरन के पाठशाला 6
(क्लास के सारा लईका भीड़ लगवले बारन स... खदेरन आ ढोंढा मिलके लबेदवा के हुंक रहल बा लोग..मास्टर साहेब के एंट्री)
मास्टर साहेब-ए ई का भीड़ लगा के रखा है जी तुम लोग..(सब अपना-अपना सीट पर भागत बारन स)
नहीं मानेगा का तुम लोग...इ लड़ाई काहे कर रहा था तुम लोग...ए लबेदवा तू बताव काहे ई तोहर कोसी भरत रलन ह स..
लबेदा-मारसायेब हम कुछो न कईनी ह...आ इ लोग अइसही मारे लागल ह...हई देख ली हमार ठोढ़ फुला देले बा लो मार के...टिफ़िन के बेरा हम बतावत बानी एक्नी के..
मास्टर साहेब-पिटाईयो के नहीं मानेगा का जी....बईठो...ए खदेरन तुम खारा होखो..का बात है हमको सही सही बताओ नहीं त तीनो जाना को मार के भुसौल झार देंग..
ढ़ोंढा-मारसयेब हम बताई का..
मास्टर साहेब- ह तुही बताओ...?
ढ़ोंढा-मारसायेब हमार बी.पी तुरंत हाई हो जाला जब कौनो नतिया हमरा घर-जवार आ राज्य के बारे में बोलेला तब...
मास्टर साहेब-साफा बकलोल हो का जी...गारी-फकरी मत दो नहीं तो बी.पी का सब गर्मी झार देंगे दुईये सोटा में..होस में रह के बतिया बता दो नहीं तो दुनु को बेहोस क देंगे..
ढ़ोंढा-ठीक बा मारसायेब...हई लबेदवा हमनी के बिहार के बीमारू प्रदेश कहलस ह,अब रउवे बताई खीस बरी की ना ?
मास्टर साहेब- ह ई बात बा...इ लबेदा काहे अइसन बात कहला हा..चुनाव में खारा होखे के बा का..
लबेदा-मारसायेब एमे गलत का बा बताई तनी..आपन बात कहे के हक़ सबका बा ई त रउवे नु बतावनी.
खदेरन- ईहे कहाल्का ला लोलवा फोरनी ह अभी आउर मारेम..
मास्टर साहेब- हमरा रहते इतना हिम्मत की तुम उसको धमका रहा है...खाली सुन लिए की तुम उसको मारा है त तुम्हारा नक्सा बिगाड़ देंगे..का हो गया अगर ई कहिये दिया तो..
खदेरन- मारसयेब मान लेनी की हमनी के बिहार के हालत ख़राब बा बाकी बीमारू काहे कही केहू, पूरा प्रदेश के सारा चीनी मील बंद हो गईली स लाखो आदमी बेरोजगार हो गइल किसान ऊंख के खेती कईल छोड़ देलन स बाकी केहू बीमारू काहे कही,बाकी मीरगंज के शराब के मील त चलत बा नू ई विकास ना ह?..कमाए आला देसी आ महुआ चुआ के कमाईये लेता..आ बिजली 2-3 घंटा ही रहेला बाकी इ कौनो कम बा..एक्को गो नाया कारखाना नइखे लागत त ओसे केहू बीमारू ना नू कह दी...दिल्ली-पंजाब जाए वाला के संख्या रोज बढ़ल जाता...निम्मन पढाई खातिर सारा लईका दोसरा राज्य में भागत बारन स ऐसे केहू बीमारू नानू बना दी हमनी के...सड़क के हाल अइसन बा की हॉस्पिटल जात मेहरारू के गाड़ीये में लईका हो जाता इ त बन्हिया बात बा हॉस्पिटल के खर्चा बाच जात बा...एशिया के सबसे बड़ा पुल गाँधी सेतु के अइसन हाल बा की पटना जात रोज दुगो सीरियस मरिज पुले प साफ़ हो जाला लो...गंगा के गोदी में मुक्ति मिलत बा आउर का चाहीं...सरकारी हॉस्पिटल में दवाई नईखे,डॉक्टर नईखे..एसे केहू बीमारू बना दी..बिना घुस देले किसान के बर्बाद फसल के मुआवजा नइखे मीलत..2-2 लाख घुस देके कौनो मास्टर बन जाता भले ठीक से 10 आदमी के नाम ना लिखई....ई दू-चार गो कमी कहाँ नइखे. अतने खातिर कईसे कौनो बीमारू कह दी...मार के भुभुन रंग देम...
मास्टर साहेब- सब बात त ठीक बा बाकी 2-2 लाख में मास्टर आला बात साफा गलत बा...हम खुद 3 लाख देले बानी ओसे नीचे बाते न बनत रहे...बाकी ई बात दुबारा कह दिए की मास्टर लोग घुस देके आया है त मार के तुम्हारा सब गर्मी सानत कर देंगे...बईठो बुड़बक कहीं का...

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