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वो कॉलेज के दिन
अधपकी जवानी
शैतानियों का मौसम
याद है मुझे।

वो नए-नए दोस्त
 नया-नया कैंपस
 लड़कियों से मिलना
 याद है मुझे।

वो कैंटीन में साथ जाना
इलायची चाय मंगाना
पैसे पर उलझ जाना
याद है मुझे।

वो उनसे निगाहों का मिलना
दिल में इश्क-कली खिलना
पक्का आशिक बन जाना
याद है मुझे।

वो साथ में फ़िल्में देखना
करना मिलने का बहाना
वो सारी कसमें खाना
याद है मुझे।

वो हम दोनों का बिछड़ना
घुट-घुट के रोज मरना
दर्द में आंहें भरना
याद है मुझे।

वो इस तरह दिल का टूटना
प्राण-प्रिय का साथ छूटना
अधूरे प्यार की पूरी कहानी
याद है मुझे।

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