हम नहीं है उम्र के मोहताज.........
कहा जाता है की उम्र प्रतिभा की मोहताज नहीं होती और इसी बात को चरितार्थ किया है अनुषा द्विवेदी ने। महज दस वर्ष की उम्र में ही उसने सवा सौ से ज्यादा कविताएं लिखी हैं और वह भी महज एक वर्ष के अंदर। अंग्रेजी में लिखी गई इन कविताओं में उसने रिश्ता, पर्यावरण, मृत्यु, प्रकृति और सड़क पर घूमते बच्चे समेत कई पहलुओं को समेटा है।
अनुषा के कविता लिखने का सफर कक्षा दो से ही शुरू हो गया था। पहली कविता लिखकर उसने स्कूल की पत्रिका में छपने के लिए दिया था। इसके बाद यह सफर थम सा गया। अनुषा की मां ज्योति द्विवेदी ने बताया कि 24 अक्टूबर 2009 को उनका जन्मदिन था। अनुषा ने तोहफे में अंग्रेजी में लिखी कविता 'मम्मी' लिखकर दिया। वह हैरान रह गई कि यह कविता अनुषा ने लिखी है।
ज्योति और उनके पति नीरद द्विवेदी ने बेटी की प्रतिभा पहचानते हुए उसे प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया। साथ ही समरविला स्कूल की कार्यकारी प्रधानाचार्या एस्थर मणि व अन्य शिक्षिकाओं का भी सहयोग मिला। और अनुषा ने महज छह महीने में सौ से अधिक कविताओं की रचना कर डाली। बेटी की लगन व प्रतिभा देखकर माता-पिता ने उसकी कविताओं का 'टेन लिटल स्टेप्स' नाम से संकलन प्रकाशित करवाया। शनिवार को मुख्यमंत्री ने उसका विमोचन किया है। पुस्तक में कुल 104 कविताएं हैं।
अनुषा वसुंधरा एंकलेव स्थित समरविला स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा है। उनके पिता माइक्रोसाफ्ट कंपनी में अधिकारी हैं। जबकि मां दिल्ली सरकार के स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षिका हैं। वह अपने परिवार के साथ आईपी एक्सटेंशन के सद्भावना अपार्टमेंट में रहती हैं।
कहा जाता है की उम्र प्रतिभा की मोहताज नहीं होती और इसी बात को चरितार्थ किया है अनुषा द्विवेदी ने। महज दस वर्ष की उम्र में ही उसने सवा सौ से ज्यादा कविताएं लिखी हैं और वह भी महज एक वर्ष के अंदर। अंग्रेजी में लिखी गई इन कविताओं में उसने रिश्ता, पर्यावरण, मृत्यु, प्रकृति और सड़क पर घूमते बच्चे समेत कई पहलुओं को समेटा है।
अनुषा के कविता लिखने का सफर कक्षा दो से ही शुरू हो गया था। पहली कविता लिखकर उसने स्कूल की पत्रिका में छपने के लिए दिया था। इसके बाद यह सफर थम सा गया। अनुषा की मां ज्योति द्विवेदी ने बताया कि 24 अक्टूबर 2009 को उनका जन्मदिन था। अनुषा ने तोहफे में अंग्रेजी में लिखी कविता 'मम्मी' लिखकर दिया। वह हैरान रह गई कि यह कविता अनुषा ने लिखी है।
ज्योति और उनके पति नीरद द्विवेदी ने बेटी की प्रतिभा पहचानते हुए उसे प्रोत्साहित करना शुरू कर दिया। साथ ही समरविला स्कूल की कार्यकारी प्रधानाचार्या एस्थर मणि व अन्य शिक्षिकाओं का भी सहयोग मिला। और अनुषा ने महज छह महीने में सौ से अधिक कविताओं की रचना कर डाली। बेटी की लगन व प्रतिभा देखकर माता-पिता ने उसकी कविताओं का 'टेन लिटल स्टेप्स' नाम से संकलन प्रकाशित करवाया। शनिवार को मुख्यमंत्री ने उसका विमोचन किया है। पुस्तक में कुल 104 कविताएं हैं।
अनुषा वसुंधरा एंकलेव स्थित समरविला स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा है। उनके पिता माइक्रोसाफ्ट कंपनी में अधिकारी हैं। जबकि मां दिल्ली सरकार के स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षिका हैं। वह अपने परिवार के साथ आईपी एक्सटेंशन के सद्भावना अपार्टमेंट में रहती हैं।
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