सीबीआई निष्पक्ष नहीं
सीबीआई के लिए यह शर्म की बात है की माननीय सुप्रीम कोर्ट को यह कहना पड़ा की सीबीआई निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के काम करे । इसका साफ़-साफ़ मतलब निकलता है की इससे पहले सीबीआई निष्पक्ष नहीं रही होगी या दबाव में काम कर रही होगी वर्ना सुप्रीम कोर्ट को ऐसा कहने की ज़रूरत नहीं पड़ती। अब सवाल यह उठता है की अगर सीबीआई निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के काम करती तो विपक्ष उस पर ये आरोप नहीं लगता की सीबीआई SARकर द्वारा नियंत्रित हो रही है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2G मामले की जांच सीबीआई को करने का आदेश दे दिया साथ ही यह भी कहा की जांच का निरिक्षण वो खुद करेगा। सीबीआई को समय-समय पर केस रिपोर्ट का अपडेट देने को कहा गया है। हालाँकि विपक्ष आज भी JPC की मांग पर अदा है।
ऐसा कहा जा रहा है की एक बार फिर कांग्रेस का गला पकड़ा जा सकता था अगर JPC की जांच बिठाई जाती है तो देश के प्रधानमंत्री भी जांच के घेरे में आ रहे हैं। हालाँकि इस जांच से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोई दर नहीं क्योंकि वो एक इमानदार किस्म के प्राणी हैं अगर दर है तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनियागांधीKओ। ऐसा कहा जा रहा है की इस घोटाले में सोनिया की बहन को भी रुपये भेजे गए हैं।अगर JPC जांच करती है तो सब सामने आ सकता है इसलिए सर्कार JPC के मामले में अड़ियल रवैया दिखा रही है और दुसरे कमजोर विकल्पों की तरफ ध्यान भटका रही है क्योंकि वहां उसका दबाव चल सकता है। विपक्ष इस बात को भली भांति जनता है इसलिए उन्हें JPC के अलावा दूसरा कुछ नहीं चाहिए।
अब कांग्रेस कांग्रेस एक और दाव चलने में कामयाब हो गई। जांच २००१ से होगा,ये केवल जांच को लम्बा करने और अपने घोटाले को छुपाने की कोशिश मात्र है । इतिहास गवाह है की कांग्रेस घोटालों की सरकार रही है। आज़ादी के बाद हुए सभी बड़े घोटालों में कांग्रेस का "हाथ " शामिल रहा है। दूसरी तरफ सच्चाई यह भी है की चाहे घोत्राला कोई भी करे घोटालेबाजों का आज तक कुछ अहित नहीं हुआ। इसके लिए मुझे एक पंक्ति याद आती है-"हरी अनन्त ,हरी कथा अनंता"।
सीबीआई के लिए यह शर्म की बात है की माननीय सुप्रीम कोर्ट को यह कहना पड़ा की सीबीआई निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के काम करे । इसका साफ़-साफ़ मतलब निकलता है की इससे पहले सीबीआई निष्पक्ष नहीं रही होगी या दबाव में काम कर रही होगी वर्ना सुप्रीम कोर्ट को ऐसा कहने की ज़रूरत नहीं पड़ती। अब सवाल यह उठता है की अगर सीबीआई निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के काम करती तो विपक्ष उस पर ये आरोप नहीं लगता की सीबीआई SARकर द्वारा नियंत्रित हो रही है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 2G मामले की जांच सीबीआई को करने का आदेश दे दिया साथ ही यह भी कहा की जांच का निरिक्षण वो खुद करेगा। सीबीआई को समय-समय पर केस रिपोर्ट का अपडेट देने को कहा गया है। हालाँकि विपक्ष आज भी JPC की मांग पर अदा है।
ऐसा कहा जा रहा है की एक बार फिर कांग्रेस का गला पकड़ा जा सकता था अगर JPC की जांच बिठाई जाती है तो देश के प्रधानमंत्री भी जांच के घेरे में आ रहे हैं। हालाँकि इस जांच से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोई दर नहीं क्योंकि वो एक इमानदार किस्म के प्राणी हैं अगर दर है तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनियागांधीKओ। ऐसा कहा जा रहा है की इस घोटाले में सोनिया की बहन को भी रुपये भेजे गए हैं।अगर JPC जांच करती है तो सब सामने आ सकता है इसलिए सर्कार JPC के मामले में अड़ियल रवैया दिखा रही है और दुसरे कमजोर विकल्पों की तरफ ध्यान भटका रही है क्योंकि वहां उसका दबाव चल सकता है। विपक्ष इस बात को भली भांति जनता है इसलिए उन्हें JPC के अलावा दूसरा कुछ नहीं चाहिए।
अब कांग्रेस कांग्रेस एक और दाव चलने में कामयाब हो गई। जांच २००१ से होगा,ये केवल जांच को लम्बा करने और अपने घोटाले को छुपाने की कोशिश मात्र है । इतिहास गवाह है की कांग्रेस घोटालों की सरकार रही है। आज़ादी के बाद हुए सभी बड़े घोटालों में कांग्रेस का "हाथ " शामिल रहा है। दूसरी तरफ सच्चाई यह भी है की चाहे घोत्राला कोई भी करे घोटालेबाजों का आज तक कुछ अहित नहीं हुआ। इसके लिए मुझे एक पंक्ति याद आती है-"हरी अनन्त ,हरी कथा अनंता"।
बिलकुल सही कह रहे है आप लव कान्त जी ............
जवाब देंहटाएंji ,akhir haum kab tak ye sab dekhjte rahenge.
जवाब देंहटाएं