भारत जैसे अखंड देश में जहाँ अनेकता में एकता है ,समय समय पर उसके एकता और अखंडता पर धारदार प्रहार भी किया गया लेकिन हर बार वार नाकामयाब ही रहा है । कभी मराठी,कभी असामी ,कभी बिहारी और पता नहीं क्या-क्या। सवाल ये है की ये सब करता कौन है,जवाब भी उतना ही आसन है आज़ादी क बीद से शासन कर रही कांग्रेस पार्टी । शुरू से ही फुट डालो शासन करो की निति पर चलने वाली ये पार्टी समय-समय पर एक ऐसा धमाका करना चाहती है जिससे देश की एकता प्रभावित हो और उनका राजनितिक उल्लू सीधा होता रहे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शिला दीक्षित क बाद देश के गृहमंत्री चिदंबरम का ये बयां आना पार्टी के लिए शर्मनाक है जिसमे गृहमंत्री ने राजधानी में बढ़ रहे अपराध के लिए बहरी लोगो को ज़िम्मेदार ठहराया है। हलाकि इस बयां से सीधा-सीधा बिहारियों पर टिप्पणीकी गई है। इसके पीछे का दर्द भी समझा जा सकता है अभी-अभी बिहार में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को बिहार की जनता ने ज़ब्बर्दस्त पटकनी दी थी। गृहमंत्री की टिप्पणी में इस हर का दर्द भी साफ़ देखा जा सकता है। .मुंबई में राज ठाकरे जैसे लोगों को कांग्रेस ने इस्तेमाल किया । खैर ये सब राजनीती की अपनी मज़बूरी है ....
दिल्ली की मुख्यमंत्री शिला दीक्षित क बाद देश के गृहमंत्री चिदंबरम का ये बयां आना पार्टी के लिए शर्मनाक है जिसमे गृहमंत्री ने राजधानी में बढ़ रहे अपराध के लिए बहरी लोगो को ज़िम्मेदार ठहराया है। हलाकि इस बयां से सीधा-सीधा बिहारियों पर टिप्पणीकी गई है। इसके पीछे का दर्द भी समझा जा सकता है अभी-अभी बिहार में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को बिहार की जनता ने ज़ब्बर्दस्त पटकनी दी थी। गृहमंत्री की टिप्पणी में इस हर का दर्द भी साफ़ देखा जा सकता है। .मुंबई में राज ठाकरे जैसे लोगों को कांग्रेस ने इस्तेमाल किया । खैर ये सब राजनीती की अपनी मज़बूरी है ....
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